काबुलीवाला
रवीन्द्रनाथ टैगोर

रहीम दास के दोहे
रहीम दास के दोहे

आज की कविता : गीत चतुर्वेदी
गीत चतुर्वेदी की बेहतरीन कविताएँ

चिट्ठियाँ बंद लिफ़ाफ़े वाली
Ex के नाम ex का आखरी पैगाम

अप्रेम पत्र
डियर आकृति

यह हमारे मेवाड़ का राजकीय ध्वज है...!!
#महाराणा_का_कथांकन

वाह! चाय
चाय के किस्से

अप्रेम पत्र
भाग १

सुसाइड ऑफ अ " रेपिस्ट"
राघव शंकर

धर्मवीर संभाजी महाराज
इतिहास के पन्ने

कृष्ण की चेतावनी: रश्मिरथी
रामधारीसिंह दिनकर

घर घर आरती और भजन बजवाने वाला इंसान
गुलशन कुमार

जयद्रथ-वध मैथिलीशरण गुप्त
प्रथम सर्ग

मजदूर
मजदूर दिवस विशेष

पंचलाईट/पंचलैट
फणीश्वरनाथ रेणु

उर्वशी
जयशंकर प्रसाद

आज की कविता : माखनलाल चतुर्वेदी
पुष्प की अभिलाषा

आज की कविता : गोपालदास नीरज
गोपालदास जी की कुछ रचनाएँ

आज की कहानी : पंच परमेश्वर : मुंशी प्रेमचंद्र
जुम्मन शेख अलगू चौधरी में गाढ़ी मित्रता थी। साझे में खेती होती थी। कुछ लेन-देन में भी साझा था। एक को दूसरे पर अटल विश्वास था। जुम्मन जब

बिहार
भारत के प्राचीनतम राज्यों में से एक बिहार आज ही के दिन संस्थापित हुआ था। कथांकन की ओर से अभिषेक शर्मा ने बिहार पर एक लेख लिखा है।

आज की कविता : महादेवी वर्मा
विश्व कविता दिवस पर महादेवी वर्मा जी की तीन कविताएँ

आज की कहानी : चीफ़ की दावत : भीष्म साहनी
हिंदी साहित्य की बेहतरीन चुनिन्दा कहानियों की श्रृंखला में पहली कहानी। भीष्म साहनी की लिखी चीफ़ की दावत

अहमद फ़राज़ के बेहतरीन शेर
आधुनिक समय में उर्दू के उम्दा शायरों में शुमार अहमद फराज की गजलों और नज्मों में गम बरबस झलकता है। इश्क से दूर रहने वाला शख्स भी इनकी नज

मीरा के पद
कृष्ण भक्त मीरा बाई द्वारा कृष्ण को समर्पित कुछ छंद

अधूरा प्रेम
उत्तर प्रदेश के कानपुर से रहने वाली शाम्भवी मिश्रा के कलम से निकली हुई ये कहानी उनके लेखन की धार और हर विषय पर अपने अलग नजरिए को दर्शात

मोहब्बत पर चंद बेहतरीन शायरियाँ
मोहब्बत जो की सबसे संजीदा विषय रहा है उस पर हिंदी-उर्दू के विभिन्न शायरों के अपने अपने विचार

कबीर दास जी के दोहे
कबीर दास हिंदी साहित्य परिवार के वो बड़े पुरखे है जिन्होंने अपनी सधुकड्डी जुबान में उन बातों को स्पष्ट रूप से लिख दिया जिन्हें आज कल के

हिंदी दिवस प्रतियोगिता: रचनाएँ
हिंदी दिवस पर कथांकन ने एक प्रतियोगिता रखी थी। आप लोगो की कई रचनाएँ भेजी है, जिनमे से चुनिन्दा रचनाओं को हमने अंतिम चरण के लिए चयनित कि

रामधारी सिंह दिनकर : हिंदी साहित्य सौर्यमंडल का सूर्य, जिन्होंने देश और समाज को नई दशा और दिशा क
वो रामधारी सिंह जिन्हें हिंदी साहित्य में स्थान प्राप्त है जो सौरमंडल में सूरज को, शायद इसीलिए उन्हें “दिनकर” की उपाधि मिली। दिनकर म

बशीर बद्र के चुनिंदा शेर
डॉ॰ बशीर बद्र (जन्म १५ फ़रवरी १९३६) को उर्दू का वह शायर माना जाता है जिसने कामयाबी की बुलन्दियों को फतेह कर बहुत लम्बी दूरी तक लोगों की

महादेवी वर्मा जी के पाँच श्रेष्ठ कविताएँ
महादेवी वर्मा जी एक विलक्षण प्रतिभा वाली कवियित्री थी, जिन्हें हिन्दी साहित्य के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी ने ”सरस्वती

क्या आप जानते है कि हिंदी में प्रयोग होने वाले ये शब्द हिंदी के है ही नही!
वर्तमान समय में उपयोग होने वाली हिंदी,अपने शुद्ध रूप में ना होकर एक राजकीय मानक रूप में है। जिसमे कई भाषाओं के शब्दों का समावेश होता ह

हिंदी दिवस : हिंदी को एक ख़ामोश अनकहा ख़त
आज हिंदी दिवस पर टीम कथांकन की ओर से अभिषेक शर्मा लिख रहे है हिंदी को एक “ख़ामोश अनकहा ख़त”! वैसे तो अभिषेक शर्मा खनन विभाग (माइनिंग यानि

हिंदी दिवस : हिंदी के बारें में कुछ रोचक तथ्य
१४ सितम्बर, अंग्रेजी कैलेंडर के नौवें महीने का चौदहवां दिन! भारतीय कैलेंडर में इस दिन का बहुत विशेष महत्व है। आज ही के दिन १९४९ में देश

विनोद दधीच के छंद
प्रस्तुत है विनोद दधीच के कुछ पारंपरिक छंद

अधूरी दृष्टि
डॉ पूनम गुजरानी द्वारा लिखित एक लघुकथा।

रामधारीसिंह दिनकर जी की पाँच बेहतरीन कविताएँ
हिंदी साहित्य में या किसी भी साहित्य में किसी भी कलम का सबसे बड़ा सपना ये होते है कि वो कलम ना सिर्फ उस समय असरदार रहे वरन आने वाले समय मे

राही मासूम रज़ा : वो मुसलमान जिसने महाभारत की पठकथा लिखकर सभी हिन्दू घरों में खुद को अमर कर लिया
चोपड़ा साहिब… मैं महाभारत लिखूंगा. मैं गंगा का पुत्र हूं. मुझसे ज़्यादा भारत की सभ्यता और संस्कृति के बारे में कौन जानता है.’

दुष्यंत कुमार : मोहब्बत का वो कवि जिसकी कलम ने समाज को आक्रोश दिया
आज के ही दिन उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जन्मे दुष्यंत कुमार त्यागी जी से जुड़े कुछ दिलचस्प क़िस्से

अमृता प्रीतम : वो लड़की जिसने सालों पहले ही लिव इन और फेमिनिस्म का पैमाना तय कर दिया था।
अमृता ने साहिर से प्यार किया और इमरोज ने अमृता से और फिर इन तीनों ने मिलकर इश्क की वह दास्तां लिखी जो अधूरी होती हुई भी पूरी थी। अगर अमृ

कम से कम मौत से ऐसी मुझे उम्मीद नहीं, जिंदगी तून तो धोखे पे दिया है धोखा।
जन्मदिन विशेष : एक दुनिया है मेरी नज़रों में पर वो दुनिया अभी नहीं मिलती : फ़िराक़ गोरखपुरी